आपने मुझे असहमति दी है,
आपने मुझे अनंत बनाया है,
ऐसा लीलामय तू ,
खाली कर दिया फिरसे भर दिया -
बारी बारी नई जीवन डालके।
कितने पहाड़, कितनी नदियाँ किनारे
मेरा ऐ बांसुरी लेके घूमते रहा थे
कितने धुन यो बजाते चलें ,
किसको बताऊं, फिर क्येसे।
आपका यही अमृत परसन
मेरा दिल यो -
खोई हुई सीमा बहुत आनंद में
उथल पाथल हो गई।
मेरे पास बस एक मुट्ठी है
भर दिया दान दिवस - विभावरी,
सभी के लिए, उम्र के लिए नहीं
केवल मैं प्यार करता हूँ ।
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ऐसा लीलामय तू ,
खाली कर दिया फिरसे भर दिया -
बारी बारी नई जीवन डालके।
कितने पहाड़, कितनी नदियाँ किनारे
मेरा ऐ बांसुरी लेके घूमते रहा थे
कितने धुन यो बजाते चलें ,
किसको बताऊं, फिर क्येसे।
आपका यही अमृत परसन
मेरा दिल यो -
खोई हुई सीमा बहुत आनंद में
उथल पाथल हो गई।
मेरे पास बस एक मुट्ठी है
भर दिया दान दिवस - विभावरी,
सभी के लिए, उम्र के लिए नहीं
केवल मैं प्यार करता हूँ ।
अंत नहीं हुई, आपका दान अनंत काल पर ,
मैं सिर्फ लेते ही रहा हूँ।
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